सनातन धर्म में नाग पंचमी का पर्व अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। इस दिन नाग देवता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि नाग देवता भगवान शिव के प्रिय हैं और भगवान विष्णु भी शेषनाग पर विराजमान रहते हैं। इसलिए नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से भगवान शिव और भगवान विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त होती है। यह पर्व प्रकृति, जीव-जंतुओं और मानव के बीच संतुलन एवं सह-अस्तित्व का संदेश भी देता है।
नाग पंचमी 2026 कब है?
वर्ष 2026 में नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त, सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु नाग देवता का पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और संकटों से रक्षा की कामना करेंगे।
नाग पंचमी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्
- तिथि: 17 अगस्त 2026, सोमवार
- पूजा का शुभ मुहूर्त: प्रातः 05:51 बजे से 08:29 बजे तक
इस शुभ समय में नाग देवता का पूजन करना विशेष फलदायी माना जाता है।
नाग पंचमी का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में नागों को दिव्य शक्ति और प्रकृति के रक्षक के रूप में सम्मान दिया गया है। भगवान शिव अपने गले में नाग धारण करते हैं, जबकि भगवान विष्णु शेषनाग की शैया पर विराजमान रहते हैं। इसलिए नाग पूजा का संबंध केवल सर्पों से नहीं, बल्कि सृष्टि की रक्षा, आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्य संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है।
मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन श्रद्धापूर्वक पूजा करने से कालसर्प दोष, सर्प दोष तथा राहु-केतु से संबंधित कष्टों में राहत मिलती है। साथ ही घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
नाग पंचमी की पूजा विधि
नाग पंचमी के दिन प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर या किसी नाग देवता के मंदिर में जाकर पूजा करें।
पूजा के दौरान इन बातों का विशेष ध्यान रखें—
- नाग देवता को दूध, जल, कच्चा दूध (परंपरा अनुसार), पुष्प, अक्षत और चंदन अर्पित करें।
- हल्दी, कुमकुम और दूर्वा चढ़ाएं।
- धूप और दीप प्रज्वलित करें।
- नाग पंचमी की कथा का श्रवण करें।
- भगवान शिव के मंत्र एवं नाग देवता के मंत्रों का जप करें।
- परिवार की सुख-शांति और रक्षा की प्रार्थना करें।
नाग पंचमी से जुड़ी मान्यताएं
धार्मिक मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से सर्प भय दूर होता है और जीवन में आने वाली अनेक बाधाएं समाप्त होती हैं। इस दिन भूमि की खुदाई करने से बचने की भी परंपरा है, ताकि किसी जीव को अनावश्यक कष्ट न पहुंचे। यह पर्व हमें सभी जीवों के प्रति दया, सम्मान और प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है।
नाग पंचमी पर क्या करें?
- प्रातः शुभ मुहूर्त में नाग देवता का पूजन करें।
- भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।
- “ॐ नमः शिवाय” एवं “ॐ नागदेवाय नमः” मंत्र का जप करें।
- गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न एवं वस्त्र का दान करें।
- पर्यावरण और जीव-जंतुओं के संरक्षण का संकल्प लें।
नाग पंचमी पर क्या न करें?
- किसी भी सर्प को नुकसान न पहुंचाएं।
- भूमि की अनावश्यक खुदाई से बचें।
- किसी भी जीव के साथ क्रूरता न करें।
- धार्मिक मान्यताओं का उपहास करने से बचें।
नाग पंचमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और समस्त जीवों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का उत्सव है। वर्ष 2026 में नाग पंचमी 17 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी और पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातः 05:51 बजे से 08:29 बजे तक रहेगा। इस पावन अवसर पर श्रद्धा और विधि-विधान से नाग देवता की पूजा कर भगवान शिव एवं भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का स्वागत करें।
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